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टर्बुलेंस मामले के बाद एयर इंडिया सख्त! अब उड़ान से पहले सभी पायलटों को इस प्रक्रिया से गुजरना होगा अनिवार्य

 Written By: Shivendra Singh
 Published : Aug 14, 2026 10:24 am IST,  Updated : Aug 14, 2026 10:24 am IST

एयर इंडिया ने पायलटों की सुरक्षा जांच को लेकर बड़ा फैसला लिया है। हाल ही में टर्बुलेंस के दौरान विमान के अचानक नीचे आने और उसके पायलट के ड्रग टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाने के बाद एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने नियम और सख्त कर दिए हैं।

उड़ान से पहले पायलटों...- India TV Hindi
उड़ान से पहले पायलटों की होगी कड़ी जांच! Image Source : ANI/CANVA

एयर इंडिया ने पायलटों की सुरक्षा और फिटनेस को लेकर बड़ा कदम उठाया है। फुकेट-दिल्ली फ्लाइट में टर्बुलेंस के दौरान विमान के अचानक नीचे आने और पायलट के ड्रग टेस्ट में मारिजुआना पॉजिटिव पाए जाने के बाद एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने अपने सभी पायलटों की साइकोएक्टिव सब्सटेंस टेस्टिंग अनिवार्य करने का फैसला किया है। यानी अब दोनों एयरलाइंस के 5000 से ज्यादा पायलटों की जांच की जाएगी। यह कदम मौजूदा नियामकीय जरूरत से भी आगे जाकर उठाया गया है।

एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस की ओर से पायलटों को भेजे गए आंतरिक संदेश के अनुसार, सभी पायलटों की साइकोएक्टिव सब्सटेंस टेस्टिंग की जाएगी। जांच में उन नशीले पदार्थों के साथ-साथ ऐसी दवाओं को भी शामिल किया जाएगा, जिनका इस्तेमाल विमानन नियमों के तहत प्रतिबंधित या नियंत्रित है।इस प्रक्रिया को पायलटों के लिए अनिवार्य बनाया गया है। टेस्ट एयर इंडिया की गुरुग्राम स्थित अकादमी में ट्रेनिंग के दौरान, फ्लाइट के बाद ब्रीफिंग सेंटर और एयरलाइन कार्यालयों में या पायलटों के होम बेस के लिए निर्धारित स्थानों पर किए जा सकते हैं।

मौजूदा नियम से कहीं आगे एयर इंडिया

मौजूदा विमानन नियमों के तहत एयरलाइंस को हर साल अपने कम से कम 10% फ्लाइट क्रू का रैंडम साइकोएक्टिव सब्सटेंस टेस्ट करना होता है। लेकिन एयर इंडिया ने सिर्फ कुछ कर्मचारियों की जांच तक सीमित रहने के बजाय अपने पूरे पायलट वर्कफोर्स की स्क्रीनिंग का फैसला किया है। इसका मकसद पायलटों की फिटनेस को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतना और यात्रियों की सुरक्षा को मजबूत करना है।

फुकेट-दिल्ली फ्लाइट में क्या हुआ था?

यह फैसला 4 अगस्त को एयर इंडिया की फ्लाइट AI2379 में हुई घटना के बाद आया है। एयरबस A320neo विमान फुकेट से दिल्ली आ रहा था। उड़ान के दौरान टर्बुलेंस के बीच विमान अचानक करीब 300 फीट यानी 91 मीटर नीचे आ गया। इस विमान में 137 यात्री और 8 क्रू मेंबर समेत कुल 145 लोग सवार थे। घटना में कम से कम 24 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई।

पायलट के टेस्ट में मिला मारिजुआना

घटना के बाद फ्लाइट के पायलट-इन-कमांड का साइकोएक्टिव सब्सटेंस टेस्ट किया गया। शुरुआती जांच में टेस्ट पॉजिटिव आया। इसके बाद किए गए कन्फर्मेटरी टेस्ट में मारिजुआना की पुष्टि हुई। इस मामले की जांच जारी है। घटना के बाद पायलटों की फिटनेस और विमानन सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर सवाल उठे हैं।

यात्रियों की सुरक्षा पर फोकस

एयर इंडिया का यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब एयरलाइन अपने सुरक्षा मानकों को लेकर ज्यादा सतर्कता दिखा रही है। पूरे पायलट दल की जांच से यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है कि ड्यूटी पर तैनात पायलट किसी प्रतिबंधित नशीले या साइकोएक्टिव पदार्थ के प्रभाव में न हों।

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